भगवान ब्रह्मा हिंदू धर्म में त्रिमूर्ति के एक देवता हैं। त्रिमूर्ति में:

- ब्रह्मा – सृष्टि के कर्ता (सृष्टिकर्ता)
- विष्णु – पालनकर्ता (पालक)
- शिव – संहारक और पुनर्निर्माता
🌸 भगवान ब्रह्मा का परिचय
- भूमिका: सृष्टि के निर्माण के देवता।
- आयु: अनंत, समय और युगों के पालन में कार्यरत।
- स्वरूप: सामान्यतः चार मुख और चार हाथों वाले।
- हाथों में धारण: ब्रह्मसूत्र, पुस्तक (वेद), कमंडल और माला।
- वाहन: हंस (हंस को ज्ञान और विवेक का प्रतीक माना जाता है)।
🌸 परिवार
- पत्नी: देवी सरस्वती – ज्ञान, संगीत और विद्या की देवी।
- पुत्र: कई कथाओं में विभिन्न ऋषि और देवता।
🌸 महत्त्व
- ब्रह्मा का कार्य सृष्टि का निर्माण करना है।
- वे ज्ञान और विद्या के देवता भी माने जाते हैं।
- उनके चार मुख चार वेदों (ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद, अथर्ववेद) का प्रतीक हैं।